सीवान, 07 मार्च 2026।
सीवान जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। एक सप्ताह के भीतर दो अलग-अलग थानों से गिरफ्तार आरोपितों के फरार होने की घटनाओं ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला सराय थाना का है, जहां हाजत में बंद एक आरोपित शनिवार सुबह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
बताया गया है कि सराय थाना क्षेत्र के पपौर गांव में शुक्रवार शाम पुरानी रंजिश के चलते एक युवक को गोली मारकर घायल कर दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिक आरोपित पपौर निवासी भभूति तिवारी के पुत्र बबलू तिवारी को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को उसे सराय थाना की हाजत में रखा गया था और शनिवार को आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर उसे जेल भेजने की तैयारी चल रही थी।
इसी बीच शनिवार सुबह पुलिस की लापरवाही सामने आ गई। सराय थाना प्रभारी सह प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ आनंद के मुताबिक हाजत में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के कारण आरोपित ने शौच जाने की बात कही। ड्यूटी पर मौजूद संतरी उसे हाजत से बाहर लेकर आया और थाना परिसर में दीवार के पास बैठा दिया। इसी दौरान आरोपित ने संतरी को धक्का दिया और मौके का फायदा उठाते हुए थाना की दीवार फांदकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और उसकी तलाश के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।
इससे पहले 28 फरवरी को मैरवा थाना से भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। बाइक चोरी गिरोह के खिलाफ कार्रवाई का दावा करते हुए पुलिस ने प्रेसवार्ता कर बड़ी सफलता बताई थी, लेकिन अगले ही दिन गिरोह का मुख्य आरोपित फिरोज अंसारी थाना की हाजत की दीवार फांदकर फरार हो गया। उस मामले में पुलिस अधीक्षक ने एक एएसआई, एक चौकीदार और दो होमगार्ड जवानों पर कार्रवाई की थी, लेकिन सात दिन बीतने के बाद भी फरार आरोपित पुलिस की पकड़ से बाहर है।
लगातार दो थानों से आरोपितों के फरार होने की घटनाओं ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मैरवा में एसडीपीओ स्तर के अधिकारी और सराय थाना की जिम्मेदारी प्रशिक्षु डीएसपी के पास है, तब भी ऐसी घटनाएं होना पुलिस व्यवस्था की बड़ी कमजोरी को दर्शाता है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि सराय थाना पहुंचकर मामले की जांच की गई है और थाना प्रभारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या केवल निचले स्तर के कर्मियों पर कार्रवाई से जिम्मेदारी तय हो पाएगी या पुलिस व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत है।


