बरेली, 20 फरवरी।
होली के त्योहार से ठीक पहले बरेली में खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता पर बड़ा झटका लगा है। खाद्य सुरक्षा टीम की जांच में पास्ता मसाला, मिर्च पाउडर, चायपत्ती, भुना चना, रिफाइंड तेल और घी समेत कई उत्पाद अधोमानक और कुछ सीधे असुरक्षित पाए गए। इस रिपोर्ट ने त्योहार के मौके पर बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की सच्चाई उजागर कर दी है।
परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एच.एन. फूड प्रोडक्ट्स से लिया गया ‘चटपटा पास्ता मसाला’ नमूना फंगल ग्रोथ और लम्प्स के कारण असुरक्षित पाया गया। श्यामगंज स्थित मूर्ति इंटरप्राइजेज के भुने चने में प्रतिबंधित औरामाइन रंग मिला। इज्जतनगर की मुल्ला जी चावल वाले की दुकान से लिए गए धनिया और हल्दी पाउडर अधोमानक पाए गए, जबकि तीखा मिर्च पाउडर असुरक्षित निकला जिसमें सूडान-2 और सूडान-3 जैसे खतरनाक रंग मिले।
चायपत्ती में भी समस्या मिली। शहदाना श्यामगंज की रिच इंडिया टी प्रा.लि. की एटीसी ब्रांड चायपत्ती में सनसेट यलो रंग पाया गया, जिसे लैब ने अधोमानक और असुरक्षित करार दिया। नारियावल रोड स्थित बाला जी ट्रेडर्स का रिफाइंड सोयाबीन तेल अधोमानक निकला। वहीं, सिविल लाइंस की दीपक स्वीट्स एंड आइसक्रीम प्रा.लि. के घी के नमूने भी मानकों पर खरे नहीं उतरे।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा-46(4) के तहत कारोबारियों को 30 दिन में अपील का मौका दिया गया है। तय समय में अपील न होने पर कड़े नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी। होली को देखते हुए विशेष अभियान जारी है। शिफा डेरी, राजेश मिल्क विक्रेता और अन्य प्रतिष्ठानों से दूध और पनीर के नमूने लिए गए। फरीदपुर क्षेत्र के 9 कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण भी किया गया और खामियां मिलने पर सुधार नोटिस जारी किए जाने की तैयारी है।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के नाम पर लोगों की थाली में मिलावट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अभियान जारी रहेगा और रिपोर्ट के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि होली की खरीदारी करते समय सतर्क रहें और पैकेजिंग के आकर्षक रंगों के पीछे छिपी असुरक्षा से सावधान रहें।



