मधेपुरा, 11 फरवरी।
मानवता और संवेदनशीलता की भावुक मिसाल मधेपुरा में सामने आई, जहां जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज और श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से करीब दस महीने से परिवार से बिछड़ी एक बुजुर्ग महिला को उनके परिजनों से मिला दिया गया।
मंगलवार देर रात मां-बेटे का मिलन होते ही वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और माहौल भावुक हो उठा।
करीब दस महीने पहले यह बुजुर्ग महिला सड़क किनारे अचेत अवस्था में मिली थीं। एक एंबुलेंस चालक ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। उस समय उनकी हालत गंभीर थी और वह न तो बोल पा रही थीं और न ही किसी को पहचान पा रही थीं।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने निरंतर देखभाल और उपचार किया, जिससे धीरे-धीरे उनकी सेहत में सुधार हुआ। कुछ दिन पहले होश में आने के बाद महिला ने अपने घर की जानकारी दी और बताया कि वह समस्तीपुर जिले के काबलीराम क्षेत्र की निवासी हैं।
मेडिकल कॉलेज के उपाधीक्षक डॉ. प्रियरंजन भास्कर ने यह जानकारी श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के समूह में साझा की। इसके बाद संस्था के सदस्यों ने परिजनों की तलाश शुरू की और लगातार प्रयासों के बाद महिला के पुत्र सतीश सिंह से संपर्क स्थापित किया। सूचना मिलने पर मंगलवार देर रात सतीश सिंह अस्पताल पहुंचे। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने महिला को उनके पुत्र के सुपुर्द कर दिया।
करीब दस महीने बाद मां और बेटे के इस भावुक मिलन ने सेवा और संवेदना की मिसाल पेश की। यह घटना जहां श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है, वहीं जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और कर्मियों की मानवीय सोच की भी सराहना करती है।



