नई दिल्ली, 25 फरवरी 2026
दिल्ली पुलिस की साइबर थाना टीम ने राजस्थान के जयपुर से संचालित ‘डिजिटल अरेस्ट’ गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लाख रुपये नकद, नौ मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया है। यह गिरोह बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाकर साइबर ठगी को अंजाम देता था।
दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि गिरोह ने 75 वर्षीय महिला को दो दिन तक वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर 16 लाख रुपये की ठगी की थी। 7 दिसंबर 2025 को दर्ज ई-एफआईआर के अनुसार महिला को व्हाट्सएप कॉल कर खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताने वाले व्यक्ति ने उसके बेटे को फर्जी मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद महिला को लगातार वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में रखकर मानसिक दबाव बनाया गया और अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए गए।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर डिजिटल फुटप्रिंट, सिम ट्रैकिंग, सोशल मीडिया विश्लेषण और मनी ट्रेल की जांच की। जांच में सामने आया कि गिरोह राजस्थान के जयपुर से संचालित हो रहा था और कोटपूतली से फर्जी बैंक खाते जुटाए जा रहे थे। छापेमारी में कोटपूतली निवासी योगेंद्र गुर्जर को पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में बताया कि वह अनपढ़ लोगों से बैंक खाते खुलवाकर सह आरोपी छोटू लाल मीणा को देता था, जो इन्हें सरगना राकेश मीणा तक पहुंचाता था।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जयपुर के सांगानेर स्थित प्रताप नगर के किराए के मकान में छापेमारी कर राकेश मीणा और छोटू लाल मीणा को गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि ये खाते कंबोडिया में बैठे साइबर ठगों को दिए जाते थे और इनका उपयोग डिजिटल अरेस्ट तथा निवेश ठगी जैसे अपराधों में किया जाता था। पुलिस मामले में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रही है।



