नई दिल्ली, 16 मार्च 2026।
हरियाणा सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी मामले में अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी नहीं दी है और इस संबंध में सोमवार को उच्चतम न्यायालय को जानकारी दी।
सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि सरकार ने उदारता दिखाते हुए प्रोफेसर महमूदाबाद के खिलाफ केस बंद कर दिया है। इससे पहले 6 जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने हरियाणा सरकार को प्रोफेसर महमूदाबाद के खिलाफ अभियोजन चलाने पर तीन महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने प्रोफेसर महमूदाबाद को भी जिम्मेदार बनने की सलाह दी थी।
उच्चतम न्यायालय ने 25 अगस्त, 2025 को महमूदाबाद के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर को निरस्त कर दिया था और दूसरी एफआईआर के मामले में दायर चार्जशीट पर ट्रायल कोर्ट को संज्ञान लेने से रोक दिया था। इसके अलावा 21 मई, 2025 को इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था।
19 मई, 2025 को प्रोफेसर महमूदाबाद के वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि महमूदाबाद ने ऑपरेशन सिंदूर पर देशभक्ति पूर्ण बयान दिया था, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में 18 मई, 2025 को महमूदाबाद को दो दिनों की पुलिस हिरासत में रखा गया था। हरियाणा में उनके खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं।



