नई दिल्ली, 20 फरवरी।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग बढ़ाया जाएगा और स्वास्थ्य, आईटी, शिक्षा, उद्योग और ऊर्जा संरक्षण जैसे क्षेत्रों में भी नई संभावनाओं का विकास होगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश, जो गेहूं, धान और सोयाबीन उत्पादन में अग्रणी है, किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, फसलों में बीमारियों की समय पर पहचान और रोकथाम, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और सही दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एआई का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के उपयोग से बीमारियों की पहचान और इलाज में सुधार होगा और राज्य सरकार आने वाले समय में कई कंपनियों के साथ मिलकर निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाएगी।
मोहन यादव ने बताया कि बड़े और छोटे शहरों में आईटी पार्क बढ़ाए जा रहे हैं, एआई स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित किया जाएगा और शिक्षा, उद्योग, पर्यटन एवं ऊर्जा क्षेत्रों में एआई की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन किए गए हैं और प्रदेश में आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं।
समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने गूगल के अधिकारियों से मुलाकात की और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट डेवलपमेंट, स्टार्टअप सपोर्ट, इंडस्ट्री में एआई के उपयोग और रिसर्च एवं इनोवेशन को बढ़ावा दे रही है। इस दौरान प्रदेश में एआई अवसंरचना को मजबूत करने, सुशासन को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और ऊर्जा-कुशल, भविष्य-उन्मुख डेटा सेंटर विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण समझौते हुए।



