भोपाल, 19 फ़रवरी।
मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर करवट बदल ली है। नए मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के कारण फरवरी में तीसरी बार कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। पिछले 12 घंटों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन समेत 20 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा हुई, जिससे ठंड का असर बढ़ गया।
गुरुवार सुबह राजधानी भोपाल में बादल छा गए और डेढ़ घंटे तक रुक-रुक कर हल्की और तेज बारिश हुई। तेज हवाओं के चलते दिन का तापमान भी गिरने लगा। बेमौसम बारिश और ओले गिरने से कई जिलों में खेतों की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों ने फसल नुकसान की चिंता जताई है। प्रदेश के ठंडे इलाकों में खजुराहो में न्यूनतम 9.2 डिग्री, राजगढ़ में 10.0 डिग्री और पचमढ़ी में 10.2 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, धार, विदिशा, बड़वानी, आगर-मालवा, शाजापुर, मुरैना, छतरपुर, शिवपुरी, सीहोर और मंदसौर समेत कई जिलों में बारिश हुई। 20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के आठ जिलों में बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। 21 फरवरी को मौसम साफ रहने का अनुमान है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में मौसम की स्थिति अलग रही। इंदौर में हल्की बारिश के बाद ठंड बढ़ी, रतलाम में बूंदाबांदी, धार में तेज हवा और बारिश से फसलें प्रभावित हुईं। शिवपुरी, सीहोर और मुरैना में बारिश और ठंडी हवाओं के चलते सर्दी का असर दोबारा महसूस हुआ।



