भोपाल, 02 मार्च।
मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत होते ही गर्मी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। निमाड़ अंचल के खरगोन में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर सहित कई शहरों में तेज धूप के कारण दिनभर गर्मी का एहसास रहा। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और वृद्धि हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक 4 मार्च से एक नया सिस्टम सक्रिय होगा। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बनने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर दो दिन बाद प्रदेश में दिखाई दे सकता है। इसके प्रभाव से रंगपंचमी के आसपास या उससे पहले कुछ जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि इस दौरान दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी भी दर्ज की जा सकती है।
रविवार को पचमढ़ी को छोड़कर प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। धार, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, श्योपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सतना और सिवनी में पारा 33 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। साफ आसमान और तेज धूप के कारण तापमान में तेजी से इजाफा हुआ।
रात का तापमान भी बढ़ा हुआ दर्ज किया गया। जबलपुर में न्यूनतम तापमान 19.3 डिग्री और सतना में 18.2 डिग्री रहा। इसके अलावा धार, नर्मदापुरम, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया और मलाजखंड में रात का तापमान 17 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा।
मौसम विभाग का अनुमान है कि मार्च से मई तक प्रदेश में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ सकती है। मार्च में ही तापमान तेजी से बढ़ेगा, जबकि अप्रैल और मई में लू का प्रभाव अधिक तीव्र रहने की आशंका है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी तेज गर्मी की चपेट में रह सकते हैं।



