वाराणसी, 14 फरवरी ।
महाशिवरात्रि के एक दिन पूर्व शनिवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित केदार घाट पर स्वच्छता अभियान चलाकर प्रकृति संरक्षण का शिव संदेश दिया गया। नमामि गंगे के सदस्यों ने घाट पर विशेष सफाई अभियान चलाने के बाद गौरी केदारेश्वर की आरती उतारकर भारत की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने केदार घाट पर स्थित शिव कचहरी और आसपास के घाटों की सफाई के लिए लोगों को जागरूक किया। स्वच्छता अभियान के तहत गंगा किनारे विभिन्न स्थानों पर पड़े कूड़े-कचरे को एकत्र कर निर्धारित स्थान तक पहुंचाया गया। घाटों पर श्रमदान के बाद वहां मौजूद पर्यटकों और आमजन को गंगा और घाटों को स्वच्छ रखने की शपथ भी दिलाई गई। पतित पावनी मां गंगा की अविरल धारा को निर्मल बनाए रखने के लिए कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया।
अभियान का नेतृत्व करते हुए गंगा सेवक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि ब्रह्मांड के महान पर्यावरणविद भगवान शिव की उपासना का पर्व महाशिवरात्रि प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है। भगवान शिव और उनके परिवार का प्रकृति से विशेष संबंध माना जाता है। प्रकृति की साज-संभाल ही शिवत्व है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव प्रकृति संरक्षण का संदेश इसलिए देते हैं क्योंकि वे स्वयं प्रकृति के तत्व हैं। पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, आकाश) से उनका जुड़ाव हमें प्रकृति के सम्मान और संरक्षण का बोध कराता है, जैसे गंगा जल का महत्व और पार्थिव शिवलिंग की पूजा। इस प्रकार शिव की उपासना केवल परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और संरक्षण के संकल्प का प्रतीक है, जो हर व्यक्ति को छोटे-छोटे प्रयास करने की प्रेरणा देता है। आयोजन में आयुष गुप्ता, सुषमा गुप्ता, ऋषिका सिंह, तरक्ष सिंह सहित अन्य लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।



