इंफाल, 10 फरवरी।
हिंसा प्रभावित मणिपुर में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उग्रवाद, अवैध हथियारों और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। अलग-अलग कार्रवाइयों में जहां तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। इसके साथ ही हिंसाग्रस्त इलाके में फंसे दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मणिपुर पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सोमवार को सुरक्षा बलों ने इंफाल पूर्व जिले के लमलाई थाना क्षेत्र अंतर्गत नोंगदम गांव और नगारू चेंगजेल पहाड़ी इलाके से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया। बरामद सामग्री में एक .303 राइफल मैगजीन सहित, दो 12 बोर सिंगल बैरल राइफल, मैगजीन के साथ चार 9 एमएम पिस्तौल और तीन हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। हालांकि, इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
वहीं, एक अन्य कार्रवाई में इंफाल पश्चिम जिले के सिंगजामेई थाना क्षेत्र के लिलोंग चाजिंग में हुए बम विस्फोट मामले की जांच के बाद पुलिस ने केसीपी (अपुनबा) संगठन से जुड़े तीन सक्रिय कैडरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए उग्रवादियों की पहचान लैशराम बुलु सिंह (39), पुयामाचा डेविड (22) और निंगथौजम चलम्बा सिंह (29) के रूप में हुई है। इनके कब्जे से एक मारुति जिप्सी वाहन, एक .45 पिस्तौल मैगजीन सहित 17 राउंड, तीन मोबाइल फोन, नकदी और पहचान से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को सुरक्षा बलों ने उखरुल जिले के लिटन थाना क्षेत्र अंतर्गत लामलाई चिंगफेई कुकी गांव में फंसे दो ड्राइवरों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। ट्रक खराब होने के बाद इलाके में फंसे चिहांसो कीशिंग (26) और कनम्बुआन गोलमेई (17) को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित निकालकर यिंगांगपोकपी थाने पहुंचाया, जिससे इलाके में संभावित हिंसा को टाल दिया गया।
सुरक्षा बलों द्वारा जिलों के दूरदराज और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान और एरिया डोमिनेशन लगातार जारी है। इसके तहत हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी हो रही है।
पुलिस ने बताया कि सोमवार को मणिपुर के विभिन्न जिलों में पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों में कुल 115 नाके और चेकपॉइंट लगाए गए। हालांकि इस दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर आवश्यक वस्तुओं से लदी 306 गाड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की गई। संवेदनशील क्षेत्रों में कड़े सुरक्षा इंतजामों के साथ वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए सुरक्षा काफिला भी उपलब्ध कराया गया।



