नई दिल्ली, 10 फरवरी।
लोकसभा में जारी गतिरोध के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की कथित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने मंगलवार को आरोप लगाया कि किताब के प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया सच नहीं बोल रहा है और यह किताब बिक्री के लिए उपलब्ध है।
संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने अपने मोबाइल पर जनरल नरवणे का 15 दिसंबर 2023 का सोशल मीडिया पोस्ट दिखाया। उन्होंने बताया कि इस पोस्ट में जनरल नरवणे ने लिखा था कि उनकी किताब उपलब्ध है और पाठकों से लिंक के माध्यम से उसे पढ़ने की अपील की गई थी।
राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में या तो पूर्व सेनाध्यक्ष झूठ बोल रहे हैं या फिर प्रकाशक। उन्होंने कहा कि उन्हें जनरल नरवणे पर भरोसा है और वह झूठ नहीं बोलेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि किताब में किए गए कुछ उल्लेख सरकार और प्रधानमंत्री के लिए असहज हैं, इसी कारण इसे लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जनरल नरवणे द्वारा किताब में लिखी गई बातें सत्ता पक्ष को असहज करती हैं और इसी वजह से इसके प्रकाशन पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। अब यह स्पष्ट होना चाहिए कि सच कौन कह रहा है—प्रकाशक या पूर्व सेनाध्यक्ष।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बयान जारी कर कहा था कि जनरल नरवणे की किताब अब तक प्रकाशित नहीं हुई है और इसकी कोई भी प्रति, चाहे प्रिंट हो या डिजिटल, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई है।
राहुल गांधी द्वारा उद्धृत पोस्ट 15 दिसंबर 2023 का है, जिसमें जनरल नरवणे ने पेंगुइन इंडिया के एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया था। उस पोस्ट में ई-कॉमर्स साइट अमेजन का लिंक देते हुए किताब को प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध बताया गया था।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जानकारी दी थी कि सोशल मीडिया और कुछ समाचार मंचों पर किताब की प्री-प्रिंट कॉपी प्रसारित होने की सूचनाएं सामने आई हैं। जांच में यह भी पाया गया कि किताब की पीडीएफ कॉपी कुछ वेबसाइटों पर उपलब्ध है और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसका कवर बिक्री के लिए प्रदर्शित किया गया है। प्रकाशन की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद सामग्री सामने आने के मामले में स्पेशल सेल ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



