सीहोर, 13 मार्च।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 14 मार्च शनिवार को सीहोर जिले में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसका शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश प्रकाश चंद्र आर्य जिला न्यायालय परिसर में करेंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वप्नश्री सिंह ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित आपराधिक शमनीय प्रकरण, धारा 138 पर आधारित लिखित अधिनियम, क्लेम प्रकरण, विद्युत अधिनियम, वैवाहिक विवाद और अन्य सिविल प्रकरण सहित लगभग 2030 राजीनामा योग्य प्रकरण रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त विद्युत अधिनियम, बैंक रिकवरी, जलकर एवं बीएसएनएल से संबंधित लगभग 14500 प्रीलिटिगेशन प्रकरण भी लोक अदालत में रखे गए हैं, जिनकी संख्या लोक अदालत के दिन बढ़ सकती है।
अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए जिले में कुल 24 खण्डपीठें गठित की गई हैं। इसमें सीहोर में 09, आष्टा में 05, भैरूंदा में 06, बुधनी में 03, इछावर में 01 और उपभोक्ता फोरम में 01 खण्डपीठ शामिल हैं।
नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य ट्रैफिक चालान प्रकरणों को भी रखा जाएगा और निराकरण किया जाएगा। इसके लिए जिले के सभी संबंधित थानों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने बताया कि शासन के ऊर्जा विभाग के निर्देशानुसार विद्युत अधिनियम से संबंधित लंबित प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के जलकर और संपत्ति कर प्रकरणों में तथा बैंक के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में विशेष छूट प्रदान की जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे लोक अदालत में अपने प्रकरणों का निराकरण समझौता और सहमति के आधार पर कराएं और लोक अदालत का लाभ उठाएं।



