सूरत, 20 फरवरी।
गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सूरत में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए कार्यपालक इंजीनियर विपुल शशिकांतभाई गणेशवाला और ‘निष्पक्ष गुजरात’ दैनिक से जुड़े पत्रकार महमद इस्माइल उर्फ परवाना जमीलखान पठाण को रिश्वतखोरी के आरोप में फंसाया है।
मिली जानकारी के अनुसार, एक नागरिक द्वारा दर्ज शिकायत में कहा गया कि सब-इंडस्ट्रियल प्लॉट नंबर 134-135 पर बने निर्माण को लेकर नगर निगम ने पहले नोटिस जारी किया और 13 फरवरी 2026 को डिमोलिशन शुरू किया गया, जिसमें ₹1.70 लाख डिमोलिशन चार्ज वसूला गया। आरोप है कि निर्माण कार्य न तोड़ने के बदले इंजीनियर ने पत्रकार के माध्यम से ₹21 लाख की रिश्वत की मांग की, जो बातचीत के बाद ₹15 लाख पर तय हुई। योजना के अनुसार 19 फरवरी को ₹4 लाख और शेष ₹11 लाख बाद में देने का निर्णय हुआ। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार किया और एसीबी से संपर्क किया। ट्रैप दौरान पत्रकार ने ₹4 लाख स्वीकार किए लेकिन शक होने पर मौके से फरार हो गया, जबकि इंजीनियर वहां नहीं मिला।
एसीबी ने दोनों के खिलाफ पद का दुरुपयोग कर आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और फरार आरोपी की तलाश जारी है। कार्रवाई पुलिस इंस्पेक्टर के.जे. धडुक के नेतृत्व में हुई, जबकि आर.आर. चौधरी (सहायक निदेशक, एसीबी सूरत) ने सुपरविजन किया और पूरी निगरानी बलदेव देसाई (आईपीएस), डिप्टी डायरेक्टर, वडोदरा रेंज ने की।



