लखनऊ, 20 फरवरी।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विधान भवन में बजट सत्र से पहले वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में गृह, राजस्व, ग्राम्य विकास और न्याय विभाग के कार्यों की प्रगति और आगामी योजनाओं पर चर्चा की गई।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सरकार की प्राथमिकता जनता को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को आपस में समन्वय बनाए रखते हुए काम करना चाहिए ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंच सके।
बैठक में, राजस्व विभाग को भूमि विवादों, नामांतरण और वरासत की प्रक्रिया को शीघ्र निस्तारित करने की सलाह दी गई। ग्राम विकास विभाग से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, आवास और शौचालय योजनाओं की गुणवत्ता पर ध्यान देने का अनुरोध किया गया। न्याय विभाग को लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। गृह विभाग को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की पहचान सुशासन पर निर्भर है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से उम्मीद जताई कि वे बजट सत्र के दौरान जनप्रतिनिधियों की शिकायतों और सुझावों का तुरंत समाधान करें। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।



