रायपुर, 13 मार्च।
यमुनानगर के जगाधरी में आबकारी विभाग से जुड़े 90 लाख रुपये के डिमांड ड्राफ्ट में कथित गड़बड़ी मिलने पर पुलिस ने फर्म के प्रोपराइटर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। बैंक कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आबकारी निरीक्षक मोहन सिंह राणा के अनुसार, मैसर्स एस.एम. वाइन की एल-1 लाइसेंस से संबंधित ब्रीच मामले में 90 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट आठ नवंबर 2023 को विभाग में जमा कराया गया था। कलेक्टर (आबकारी) ने फर्म पर 2.55 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाकर एल-1 लाइसेंस रद्द कर दिया था। जांच में पता चला कि डिमांड ड्राफ्ट की राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं हुई।
उप आबकारी एवं कराधान अधिकारी द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट में बताया गया कि चालान में त्रुटि सुधार के नाम पर डिमांड ड्राफ्ट खरीदार को वापस कर दिया गया था। शिकायत में फर्म के प्रोपराइटर और बैंक कर्मचारियों पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


