रायपुर, 18 फरवरी।
छत्तीसगढ़ में डिजिटल शासन की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने बुधवार को अपने निवास कार्यालय में डिजिटल किसान किताब और डिजिटल ऋण पुस्तिका का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उमेश कुमार पटेल और श्रीकांत वर्मा द्वारा लिखित ‘छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली’ (भाग 1 से 4) पुस्तक का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में संचालक भू-अभिलेख विनीत नन्दनवार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
डिजिटल किसान किताब पारंपरिक मैन्युअल व्यवस्था का स्थान लेगी। इसके माध्यम से किसान अपनी भूमि संबंधी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। यह सुविधा ‘भुइया’ पोर्टल पर बी-1 और पी-2 रिपोर्ट के साथ उपलब्ध रहेगी, जिसे देखा और डाउनलोड किया जा सकेगा।
मंत्री वर्मा ने कहा कि डिजिटल ऋण पुस्तिका राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, सशक्त और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में ठोस पहल है। इससे किसानों को बैंक ऋण, फसल ऋण और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल प्रणाली से अभिलेखों की शुद्धता बढ़ेगी और अनावश्यक कार्यालयी चक्कर कम होंगे।
उन्होंने राजस्व विभाग और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए किसानों से अपील की कि वे इस डिजिटल सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें।



