रायपुर, 24 फरवरी
रायपुर में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साय सरकार का तीसरा बजट प्रस्तुत करते हुए उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 23 नए उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। नवा रायपुर-राजनांदगांव औद्योगिक परिसर के लिए 10 करोड़ रुपये, भिलाई में व्यावसायिक परिसर हेतु 10 करोड़ रुपये तथा बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स भवन निर्माण की घोषणा की गई है। पांच प्रमुख शहरों के हवाई अड्डों पर विक्रय केंद्र खोलने का भी प्रावधान किया गया है।
साइबर सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बालोद, बेमेतरा, बलरामपुर, सक्ती और खैरागढ़ में नए साइबर थाने खोले जाएंगे। बस्तर फाइटर के 1500 पदों पर भर्ती की जाएगी। शक्तिपीठ योजना के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता मिशन, पर्यटन विकास मिशन, खेल उत्कर्ष मिशन, अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप मिशन शुरू करने की घोषणा भी की गई।
राजधानी क्षेत्र में अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए रायपुर में भूमिगत बिजली लाइन बिछाने हेतु 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है। नया रायपुर में प्रकाश तंतु नेटवर्क विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के लिए 25 करोड़ रुपये, आयुष्मान योजना के लिए 1500 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
राजधानी क्षेत्र (एससीआर) के लिए 68 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। रायपुर में मेट्रो रेल परियोजना के लिए सर्वे एजेंसी तय कर बजट में आवश्यक प्रावधान किया गया है।
जल संसाधन क्षेत्र में सीकासर-कोडार लिंक परियोजना के लिए 3,700 करोड़ रुपये तथा जल संसाधन विभाग हेतु 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बस्तर-सरगुजा विकास के अंतर्गत मटनार और देवरगांव बैराज निर्माण के लिए 2024 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
शिक्षा क्षेत्र में रायपुर में अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए 200 सीटों का छात्रावास बनाया जाएगा। बस्तर को शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
बजट में तकनीकी विकास, शहरी अधोसंरचना, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और जल प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए दीर्घकालिक विकास का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया गया है।


