रायपुर, 19 फरवरी।
सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का अनशन लगातार 57वें दिन पहुंच गया है। आंदोलन की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि 19 फरवरी को अभ्यर्थियों ने नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर जलते अंगारों पर नंगे पैर चलकर विरोध प्रदर्शन किया।
सुबह पुलिस ने धरना स्थल खाली कराने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। आंदोलनकारी 24 दिसंबर 2025 से आमरण अनशन पर बैठे हैं, जिनकी मांग 2300 रिक्त पदों और 1600 आरक्षित एसटी पदों पर नियुक्ति की है।
पिछले दिनों प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। 57वें दिन जलते अंगारों पर चलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड ने हस्तक्षेप कर आग बुझाई और 4 अभ्यर्थी गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। उन्हें अभनपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में सभी को सेंट्रल जेल भेजा गया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि अदालत के आदेशों के बावजूद आरक्षित पदों पर नियुक्ति नहीं की गई। कई अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और शिक्षा मंत्री को अपने खून से पत्र लिखकर नियुक्ति की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सेंट्रल जेल जाकर अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी मांग का समर्थन किया।
सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए अभ्यर्थी पदों पर नियुक्ति की मांग



