नई दिल्ली, 03 मार्च 2026।
उत्तर-पश्चिम जिले के सुभाष प्लेस थाना पुलिस ने यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) बेचने का झांसा देकर लूटपाट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 15 हजार रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अनीश खान (60), सऊद आलम (46), मोहम्मद हारून (55) और गुद्दू उर्फ अब्दुल कादिर (40) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक अनीश खान थाना आदर्श नगर का घोषित बदमाश (बीसी) है और उसके खिलाफ जबरन वसूली, लूट, शस्त्र अधिनियम, झपटमारी और चोरी समेत 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरोह के तीन अन्य सदस्य भी पहले कुल 12 मामलों में संलिप्त रह चुके हैं।
उत्तर-पश्चिम जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भीष्म सिंह के अनुसार 24 फरवरी को सराय रोहिल्ला निवासी सुभाष चंद (53) की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभ में इसे झपटमारी की घटना बताया गया, लेकिन बाद में पूरक बयान में पीड़ित ने बताया कि नेताजी सुभाष प्लेस में यूएसडीटी के सौदे के बहाने बुलाकर आरोपितों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर डराया और नकदी लूट ली। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराएं जोड़ते हुए जांच को तेज किया गया। सुभाष प्लेस थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वाहन निगरानी के आधार पर 26 फरवरी को अनीश खान को गिरफ्तार किया। इसके बाद शेष तीनों आरोपितों को भी नेताजी सुभाष प्लेस क्षेत्र से उस समय दबोचा गया, जब वे इसी तरह की एक अन्य वारदात की तैयारी में थे। तलाशी के दौरान 15 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। आरोपितों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं।
मुंबई-दिल्ली कनेक्शन आया सामने
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह संगठित अंतरराज्यीय साजिश के तहत काम कर रहा था। मुंबई के विष्णु और निलेश तथा दिल्ली के बाबा सुलेमानी नामक सहयोगियों के साथ मिलकर यह लोग क्रिप्टोकरेंसी सौदे का लालच देकर लोगों को फंसाते थे। गुद्दू उर्फ अब्दुल कादिर मुंबई और दिल्ली के साजिशकर्ताओं के बीच संपर्क सूत्र की भूमिका निभाता था, जबकि सऊद आलम स्थानीय स्तर पर प्रबंधन और संसाधन जुटाने का काम करता था। अनीश और हारून रेकी कर पीड़ितों को डराने और मौके से फरार होने में सहयोग करते थे।



