नई दिल्ली, 19 फ़रवरी।
भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी, टाटा समूह के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन और अमेरिकी एआई कंपनी एन्थ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई सहित वैश्विक उद्योग जगत के दिग्गजों ने भारत की एआई नेतृत्व क्षमता की खुले तौर पर सराहना की। सभी ने कहा कि भारत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा, जनसंख्या और नवाचार की शक्ति के दम पर दुनिया की प्रमुख एआई शक्ति बनने की स्थिति में है और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में एआई मुख्य भूमिका निभाएगा।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने समिट के दौरान कहा कि वैश्विक दक्षिण में पहले एआई समिट की मेजबानी कर भारत ने नेतृत्व दिखाया है। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य किसी देश या कुछ अरबपतियों तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इसमें सभी देशों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को इस समिट के आयोजन के लिए धन्यवाद भी दिया।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि न्यू दिल्ली फ्रंटियर एआई इम्पैक्ट कमिटमेंट्स के तहत अग्रणी एआई कंपनियां और भारतीय नवाचारकर्ता जिम्मेदार एआई के लिए स्वैच्छिक संकल्प कर रहे हैं। एलियांस इंडिया के महाप्रबंधक सर्ज रैफार्ड ने कहा कि एआई सबके लिए उपलब्ध होना चाहिए, ताकि पूरी दुनिया को ऊपर उठाया जा सके। उन्होंने कहा कि सम्मेलन उम्मीद से कहीं बड़ा है और एआई के साझा उपयोग से वैश्विक लाभ होगा।
टाटा समूह के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने कहा कि भारत एआई को लेकर आशावादी देश है और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ताकत के चलते एआई अगला बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा। उन्होंने बताया कि यह बदलाव भाप इंजन, बिजली और इंटरनेट जैसी तकनीकों के समान प्रभाव डालेगा और एआई डेटा से सीखने वाली वास्तविक तकनीक है, जो सभी उद्योगों को प्रभावित करेगी।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने कहा कि समिट भारत के तकनीकी इतिहास का निर्णायक क्षण है और एआई विकसित भारत 2047 के सपने को पूरा करने की ताकत बनाएगा। उन्होंने कहा कि एआई सही उपयोग से गरीबी खत्म कर सकता है और यह पूरी मानवता के लिए समृद्धि लाएगा। अंबानी ने एआई को महाभारत के अक्षय पात्र के समान बताया और कहा कि भारत वह रास्ता चुनेगा, जहां एआई सभी के लिए अवसर पैदा करेगा।
मुकेश अंबानी ने भारत के एआई शक्ति बनने की मजबूत आधार की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा उपभोक्ता है, 100 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, डेटा की कीमत कम है, आधार के तहत 140 करोड़ डिजिटल पहचान हैं और यूपीआई हर महीने 1200 करोड़ से अधिक लेन-देन करता है। देश में एक लाख से अधिक स्टार्टअप और 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं और जियो ने भारत के डिजिटल बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसे अब एआई परिवर्तन में बढ़ाना होगा।
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारत में एआई का काम और उसका अपनाया जाना दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत एआई का सबसे बड़ा बाजार बनेगा और इसका असर रोजगार पर पड़ेगा, लेकिन नए अवसर भी पैदा होंगे।
एन्थ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने कहा कि भारत एआई के भविष्य में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। कंपनी ने भारत में बेंगलुरु में अपना कार्यालय खोला और इंफोसिस सहित कई भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी की घोषणा की है। उन्होंने भारत में निर्माण और नवाचार की भावना को दुनिया में अलग स्तर का बताया और कहा कि एआई के दुरुपयोग, आर्थिक प्रभाव और स्वायत्त व्यवहार के मुद्दों से निपटने में भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



