रांची, 14 मार्च।
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 14वें दिन शनिवार को राज्य में बढ़ते ड्रग्स कारोबार और युवाओं में नशे की लत का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। बड़कागांव के विधायक रोशन लाल चौधरी ने हजारीबाग, रामगढ़, पतरातू, बड़कागांव और केरेडारी क्षेत्रों में तेजी से फैल रहे अवैध ड्रग्स कारोबार पर सरकार से जवाब मांगा और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
विधायक चौधरी ने बताया कि इन क्षेत्रों में ‘सफेद जहर’ के नाम से पहचाने जाने वाले नशीले पदार्थ, विशेष रूप से हीरोइन और ब्राउन शुगर का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इसके कारण युवाओं में नशे की लत फैल रही है और सामाजिक एवं आपराधिक गतिविधियों में इजाफा हो रहा है। उन्होंने सदन में वर्ष 2019 से 2023 के बीच राज्य में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 2396 मामलों और हाल के वर्षों में बढ़ते जिलावार मामलों का हवाला दिया।
उन्होंने सरकार से राज्य में ड्रग माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और टास्क फोर्स गठित करने का सुझाव दिया। इस पर राज्य के मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि सरकार अवैध नशे के कारोबार पर कड़ी निगरानी रखेगी और प्रत्येक जिले में विशेष टास्क फोर्स गठन कर व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
सदन में फार्मेसी काउंसिल रजिस्ट्रार की नियुक्ति विवाद को भी उठाया गया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रजिस्ट्रार नियुक्ति से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। विधायक सरयू राय ने आरोप लगाया कि प्रशांत कुमार पांडेय को केवल छह महीने के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन अब तक वह पद पर बने हुए हैं। डिप्लोमा-इन-फार्मेसी परीक्षा समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी विवाद उठाया गया।
डॉ. अंसारी ने आश्वासन दिया कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई गई तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पारदर्शिता और नियमों के पालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



