भोपाल, 18 फरवरी।
मध्यप्रदेश में आज होने वाली कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए करीब 4.70 लाख करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी जा सकती है। इसके बाद वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा विधानसभा में बजट प्रस्तुत करेंगे।
बताया जा रहा है कि यह बजट पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 4.21 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 12 से 15 प्रतिशत अधिक हो सकता है। सरकार वर्ष 2028 तक बजट को 7.28 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य भी दोहरा सकती है। खास बात यह है कि प्रदेश का यह पहला ‘पेपरलेस’ बजट होगा, जिसे पारंपरिक ब्रीफकेस के स्थान पर टैबलेट के माध्यम से पेश किया जाएगा।
तीन साल का रोडमैप और कृषि वर्ष पर जोर
बजट के साथ सरकार आगामी तीन वर्षों का विकास रोडमैप भी पेश कर सकती है। वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित किए जाने के मद्देनजर किसानों के लिए विशेष प्रावधान, सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार और ग्रामीण अधोसंरचना पर फोकस रहने की संभावना है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए योजनाएं तथा सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए भी विशेष वित्तीय प्रावधान किए जा सकते हैं।
नई आबकारी नीति को मिल सकती है मंजूरी
कैबिनेट बैठक में 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति को भी हरी झंडी मिल सकती है। प्रस्ताव के अनुसार शराब दुकानों को 2 से 5 दुकानों के छोटे समूहों में बांटकर ठेके दिए जाएंगे। प्रदेश में करीब 1,000 समूह बनाए जाने की संभावना है, जबकि भोपाल में 25 से 30 समूह बन सकते हैं।
टेंडर प्रक्रिया रेंडमाइजेशन सिस्टम के जरिए होगी, जिसमें कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ से समूहों का आवंटन तय किया जाएगा। नई नीति के तहत न नई दुकानें खुलेंगी और न ही नए अहाते बनाए जाएंगे। होटल-बार लाइसेंस के लिए न्यूनतम कमरों की संख्या 20 से घटाकर 10 किए जाने पर भी विचार किया जा सकता है।
सरकार फिलहाल आबकारी शुल्क बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। विभाग को 31 मार्च तक लगभग 18 हजार करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह करना है। अगले वित्तीय वर्ष में इसमें 15 से 20 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा जा सकता है।



