रांची, 14 मार्च।
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 14वें दिन शनिवार को सदन में रांची के धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मौजा में बने आवासों के आवंटन और गढ़वा जिले में पेयजल संकट को लेकर गंभीर चर्चा हुई। विधायकों ने विस्थापितों को शीघ्र बसाने और ग्रामीण इलाकों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।
हटिया के विधायक नवीन जायसवाल ने धुर्वा के जगन्नाथपुर मौजा में तैयार मकानों के आवंटन की प्रक्रिया को तेज करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ये मकान वास्तविक विस्थापित लाभुकों को जल्द से जल्द दिए जाने चाहिए।
इस पर विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि कुल 393 मकान बनकर तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में पूर्व सरकार ने निजी परामर्श संस्थान के माध्यम से लाभुकों की सूची तैयार कराई थी। रिपोर्ट में 108 ऐसे लोगों के नाम थे जो वास्तविक लाभुक नहीं थे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी हाल में बाहरी लोगों को मकान या जमीन आवंटित नहीं की जाएगी।
विधायक नवीन जायसवाल ने भूमि अधिग्रहण कानून-2013 और राज्य सरकार के घोषणा पत्र का हवाला देते हुए सवाल किया कि अधिग्रहित अतिरिक्त जमीन रैयतों को लौटाई जाएगी या नहीं। मंत्री ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार अतिरिक्त जमीन वापस नहीं की जाएगी। उन्होंने विस्थापितों को जल्द बसाने और मामले की जांच के लिए समिति गठित करने का आश्वासन भी दिया।
वहीं भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव ने गढ़वा जिले में पेयजल संकट की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र ड्राई ज़ोन में आता है और पाइपलाइन योजनाएं अभी तक जमीन पर लागू नहीं हुई हैं। उन्होंने सरकार से 10-10 चापाकल लगाने की व्यवस्था फिर से शुरू करने की मांग की। अन्य विधायकों ने भी ग्रामीण इलाकों में जल सुविधा सुनिश्चित करने का समर्थन किया।


