मुंबई, 14 मार्च।
अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने एक बार फिर फिल्म और मनोरंजन उद्योग में होने वाले शोषण और अनैतिक प्रथाओं को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। 'मी टू' आंदोलन के दौरान चर्चा में आईं तनुश्री का कहना है कि कई नए कलाकारों के साथ ग्लैमर इंडस्ट्री में गलत तरीके से व्यवहार किया जाता है और उन्हें मानसिक तथा शारीरिक शोषण का सामना करना पड़ता है।
तनुश्री ने बताया कि अक्सर इंडस्ट्री में किसी की सुंदरता या आकर्षक दिखने पर तुरंत तारीफ की जाती है, जबकि वास्तविक प्रतिभा पर कम ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि नए कलाकारों को 'मीटिंग' के नाम पर कई बार गलत जगहों और गलत लोगों के पास भेजा जाता है, जिससे वे भ्रमित हो जाते हैं।
अभिनेत्री ने बताया कि बॉलीवुड में 'चॉकलेट' शब्द का इस्तेमाल कई बार महत्वाकांक्षा और बड़े सपनों के लालच के प्रतीक के रूप में किया जाता है। लगातार तारीफ मिलने पर कलाकार भरोसा करने लगते हैं और इसी भरोसे का फायदा उठाकर उनका शोषण किया जाता है। उन्होंने नए कलाकारों को संयम बनाए रखने और सही-गलत की पहचान करने की सलाह दी।
तनुश्री ने कहा कि जैसे बचपन में माता-पिता अजनबियों से सावधान रहने की सलाह देते हैं, वैसे ही मनोरंजन जगत में भी सतर्क रहना जरूरी है। कुछ लोग कलाकारों की उम्मीदों और इच्छाओं को हथियार बनाकर उनका शोषण करते हैं। उन्होंने यह साझा कर सावधानी बरतने की चेतावनी दी।
अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि उनके लिए आत्मसम्मान काम से अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे कई कड़वी सच्चाइयां छिपी हैं और वह किसी भी कीमत पर अपने सम्मान का समझौता नहीं करेंगी।



