लखनऊ, 14 फरवरी।
उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में 16 से 28 फरवरी तक भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव 2026 आयोजित किया जाएगा। महोत्सव की शुरुआत 16 व 17 फरवरी को कुशीनगर से होगी। यह महोत्सव भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत बनाने का बड़ा प्रयास है।
कुशीनगर के बुद्ध पी.जी. महाविद्यालय में 16-17 फरवरी को कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके बाद 18-19 फरवरी को सिद्धार्थनगर के बीएसए ग्राउंड में कार्यक्रम होगा। 20 फरवरी को महाराजगंज के जवाहर लाल नेहरू पी.जी. कॉलेज में, 21 फरवरी को बलरामपुर के थारू जनजाति संग्रहालय इमलिया कोडर में और 22 फरवरी को श्रावस्ती के जगजीत इंटर कॉलेज में महोत्सव आयोजित होगा। 24 फरवरी को बहराइच के रामलीला ग्राउंड भीमराव अंबेडकर पार्क, सोनी बलईपुर में कार्यक्रम होगा। 26 फरवरी को लखीमपुर खीरी के राजकीय एकलव्य आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज, एकीकृत जनजाति विकास परियोजना परिसर में आयोजन किया जाएगा, जबकि 27-28 फरवरी को पीलीभीत के गांधी स्टेडियम प्रेक्षागृह में महोत्सव का समापन होगा।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह महोत्सव दोनों देशों की साझा विरासत, परंपराओं और आपसी भाईचारे को मंच देगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का दिल जीतेंगे और दोनों देशों के बीच सद्भाव का संदेश देंगे।
महोत्सव के मुख्य आकर्षणों में भव्य सांस्कृतिक शोभा यात्रा, कवि सम्मेलन और संगोष्ठी शामिल हैं। साथ ही “एक जनपद एक उत्पाद” की प्रदर्शनी भी आयोजित होगी, जिसमें स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जाएगा। भारत-नेपाल के सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित विशेष परिचर्चा, चित्रकला और रंगोली प्रदर्शनी भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी। प्रत्येक जिले के विद्यालयों और महाविद्यालयों के सहयोग से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग और संबंधित जिला प्रशासन की ओर से सभी नागरिकों को इस महोत्सव में आमंत्रित किया गया है। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का अवसर देगा, बल्कि भारत-नेपाल की दोस्ती को और गहरा करने का अवसर भी बनेगा।



