मुंबई, 16 फरवरी।
महाराष्ट्र के सरकारी और निजी स्कूलों में कार्यरत 50 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों को अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना होगा। राज्य के 1.1 लाख से अधिक ऐसे शिक्षक अपनी नौकरी बनाए रखने के लिए सितंबर 2027 तक यह परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।
राज्य में कुल शिक्षकों की संख्या लगभग 4.4 लाख है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार टीईटी अनिवार्य कर दी गई है, जिसका असर लगभग 90 प्रतिशत शिक्षकों पर पड़ा है। हालांकि, स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से स्पष्ट आदेश न होने के कारण लाखों शिक्षकों के लिए नौकरी की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कुल मिलाकर, महाराष्ट्र के 4,95,437 शिक्षकों में से 4.4 लाख से अधिक को अब टीईटी पास करना अनिवार्य होगा।


