कोडरमा, 11 फरवरी।
डोमचांच थाना क्षेत्र में अपहरण की सूचना आखिरकार झूठी साबित हुई। पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर कथित अपहृत युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया। जांच में मामला आपसी लेनदेन और ट्रक बिक्री से जुड़े न्यायालयीन विवाद का निकला।
महेशपुर निवासी काजल देवी ने थाने में आवेदन देकर बताया था कि उनके पति प्रकाश मेहता सात फरवरी की रात से लापता हैं। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला। 10 फरवरी को प्रकाश मेहता ने अपने मोबाइल से कॉल कर खुद के अपहरण की जानकारी दी और बताया कि वे गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के लक्षीबागी अटका में हैं। उन्होंने 15 लाख रुपये की फिरौती मांगने की बात कही थी। आवेदन के आधार पर डोमचांच थाना में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने छह घंटे के भीतर प्रकाश मेहता को उनके रिश्ते में बहनोई जयनारायण मेहता के घर से सुरक्षित बरामद कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि जयनारायण मेहता के पास एक ट्रक था, जो उनकी पत्नी के नाम पर निबंधित था। उक्त ट्रक एग्रीमेंट के तहत अशोक कुमार को बेचा गया था, जिसमें प्रकाश मेहता गवाह थे। समय पर भुगतान नहीं होने के कारण मामला अदालत में लंबित है।
इसी विवाद में भुगतान को लेकर दबाव से बचने के लिए प्रकाश मेहता ने खुद के अपहरण की झूठी सूचना पत्नी को दी थी। प्रारंभिक जांच में अपहरण की बात असत्य पाई गई। पुलिस प्रकाश मेहता को थाने लाकर आगे की पूछताछ कर रही है।



